आमरण अनशन: चार दिन अनशन के बाद समाप्त हुआ किसान का मकान निर्माण विवाद

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पानी पिलाकर अनशन समाप्त कराते अधिकारी 

बीकापुर। पुश्तैनी जमीन पर मकान निर्माण कराने की समस्या का समाधान न होने से आहत किसान द्वारा तहसील परिसर के सहीद स्मारक पर परिवार के साथ किया जा रहा आमरण अनशन आखिरकार चौथे दिन शुक्रवार देर रात्रि 11 बजे समाप्त हो गया।

बीकापुर कोतवाली प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह व तारुन थाना प्रभारी देवेंद्र पांडे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने पीड़ित को पानी पिला कर अनशन समाप्त कराया। तहसील अंतर्गत तारुन थाना क्षेत्र के बनकठवा इछौरी निवासी मस्तराम वर्मा ने बताया कि बनकटवा इछौरी की भूमि गाटा संख्या 130 में उनके पूर्वजों के जमाने से पुश्तैनी मकान बना हुआ था। सैकड़ो से वर्षों से बने पुराने मकान को गिराकर वह उसी स्थान पर नया निर्माण करा रहा था।

उप जिलाधिकारी बीकापुर द्वारा विपक्षियों साथ मिलकर उसका काम को रुकवा दिया गया। जिलाअधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी के आदेश देने के बाद भी एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा मकान को बनाने से रोक दिया गया है। जिसके चलते पिछले एक वर्ष से वह तहसील का चक्कर लगा रहा है कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूर होकर 26 मार्च 2026 को अपने परिवार के साथ शहीद स्मारक बीकापुर के आमरण अनशन पर बैठ गए थे।

अधिकारियों की उदासीनता को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन जिला महासचिव रामगोपाल मौर्य द्वारा भी अनशनकारियों को अपना समर्थन दिया जा रहा है। धरने पर बैठे मस्तराम वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को तहसील और कोतवाली प्रशासन द्वारा उनके साथ बदसुलूकी की गई है। धरना स्थल से उठाने का प्रयास किया गया।

भारतीय किसान यूनियन जिला महासचिव रामपाल मौर्य द्वारा अनशनकारियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। चौथे दिन आमरण अनशन पर दिनेश कुमार वर्मा, शेषमणि तिवारी, मंसाराम वर्मा, हरिप्रसाद वर्मा, मायाराम वर्मा, अनिल कुमार उपाध्याय, तिलक राम गुप्ता, राम सहाय निषाद आदि लोग बैठे रहे।


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